खून के रिश्तों में प्यार हो न हो, लेकिन सत्ता और तिजोरी की बात आते ही इनका 'भाई-चारा' सातवें आसमान… Read more
कहते हैं मिल-बाँटकर खाने से प्यार बढ़ता है, लेकिन यहाँ प्यार सिर्फ 'तिजोरी' के लिए उमड़ रहा है। ये भाई-चारा… Read more
सत्ता की कुर्सी पर बैठकर इनका दिल सिर्फ पेंग्विन के लिए धड़कता है, जबकि जनता की ज़रूरतें ठंडे बस्ते में… Read more
फेविकोल से कुर्सी चिपकती है, लेकिन 'कैशिकोल' से सौदे! यह जोड़ इतना मज़बूत है कि सिर्फ नोटों की गड्डियों से… Read more
इस एक फ्रेम को देखकर याद आता कभी एक शायर ने कहा था - " चाहे सोने के फ्रेम में… Read more
मुंबई खड़ी हुई आम आदमी की मेहनत पर, लेकिन इसका रिमोट कंट्रोल 'परिवाद' के हाथ में फंस गया है। जिस… Read more
इस फिल्म के लेखक, अभिनेता, और निर्देशक सब एक ही घर के हैं। 'नेपोटिज्म' सिर्फ बॉलीवुड में नहीं, बीएमसी में… Read more
मराठी का झंडा बुलंद करने वालों ने बीएमसी के मराठी स्कूलों को तो लावारिस छोड़ दिया, लेकिन उसी बीएमसी की… Read more
नाम तो लोकतंत्र का है, लेकिन तेवर किसी राजा के दरबार जैसे हैं। यहाँ दरवाज़े सिर्फ ठेकेदारों और सत्ताधारियों के… Read more