खिचड़ी के नाम पर सिर्फ अपनी 'दाल' गलाई!
Videos'अन्न पूर्ण ब्रह्म ' है... लेकिन उस ब्रह्म को भी न छोड़ने वाले कुछ लालची सत्ताधारी! कोविड के दौरान गरीबों के निवाले पर डाका डालने वाला 'खिचड़ी घोटाला' इसी लालच का नतीजा था। ₹14.57 करोड़ की इस योजना में खिचड़ी के पैकेट कम वजन के थे, क्वालिटी घटिया थी, और अपात्र कंपनियों को सीधे ठेके दिए गए। अमोल कीर्तिकर, सूरज चव्हाण और सुजित पाटकर जैसे आरोपी—जिन्होंने अपने करीबी और 'परिवारवाद' के दम पर बीएमसी में घोटाले की खिचड़ी पकाई। बिना किचन वाली कंपनियों को ठेके मिले, सब-कॉन्ट्रैक्टिंग के जरिए हेराफेरी हुई और गरीबों का मज़ाक उड़ाया गया। आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने चार्जशीट दाखिल कर इस मामले की गंभीरता साबित कर दी है। ""BMC is Not a Family Business"" यह सीरीज दिखाती है कि सत्ता और करीबी के लालच में शहर को कैसे लूटा गया। अब मुंबईकर यह अन्याय सहन नहीं करेंगे!" BMC is not a family business #notafamilybusiness
Continue watching