बीएमसी: विकास का जरिया या नियंत्रण का माध्यम...?
Videos"मुंबई मज़दूरों के पसीने, कारोबारियों की मेहनत और करदाताओं की मेहनत की कमाई से खड़ी हुई है। लेकिन पिछले दो दशकों में कुछ लोगों के 'परिवारवाद' ने बीएमसी को अपनी निजी संपत्ति बना कर रखा! बाढ़ में डूबती सड़कें, कचरे में दम तोड़ती बस्तियाँ, फाइलों के अंबार और ठप पड़ा विकास... ये सब उसी भ्रष्ट प्रशासन का नतीजा है। मुंबई बोलती नहीं, पर सब कुछ देखती है, और उसका गुस्सा अब धीरे-धीरे बढ़ रहा है। ""BMC is Not a Family Business"" यह सीरीज बेनकाब करती है उन ""रेहमान डकैतों"" के चेहरे, जिनके परिवारवाद ने मुंबईकरों की मेहनत के पैसे को बर्बाद किया। अब वक्त आ गया है मुंबई की आवाज़ सुनने का, क्योंकि बीएमसी अब किसी की जागीर नहीं है—इस शहर की असली ताकत इसके लोगों में है!" BMC is not a family business #notafamilybusiness
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