मुंबई किसकी जागीर...? तय कर लो, क्योंकि अब हिसाब चुकता करने का वक्त है!
Videos"यह महज एक गाना नहीं, मुंबईकरों के सीने में दबी वो 'चिंघारी' है जो अब फूटने को तैयार है! पिछले २५ सालों से बीएमसी को अपनी 'पुश्तैनी जायदाद' समझने वालों को आईना दिखाना अब ज़रूरी हो गया है। जब सत्ता का नशा दिमाग पर चढ़ता है, तो लोकतंत्र नहीं, 'रजवाड़े' चलते हैं—और यह वीडियो उसी ढोंग की धज्जियां उड़ाता है। एक खानदान की बपौती: मुंबई किसी के बाप की जागीर नहीं है, और एक खास परिवार की 'प्राइवेट लिमिटेड कंपनी' तो कतई नहीं! २४ घंटे सेवा का नाटक बंद कीजिए; हम जानते हैं कि शहर की तिजोरी से आप अपनी 'राजशाही' ठाट-बाट पाल रहे हैं। घोटालों की बारात: सड़कों के गड्ढे, नाला-सफाई के झूठे किस्से और वो ५ हजार करोड़ का 'जादुई आंकड़ा'—यह जनता के खून-पसीने की कमाई है, आपके 'पार्टी फंड' का चंदा नहीं। जब भी कोई हिसाब मांगता है, तो आप 'बेचारे' (Victim) बन जाते हैं, पर अब ये नखरे नहीं चलेंगे! मुंबईकरों, अपनी याददाश्त पर ज़ोर डालिए...! जिन्होंने कुर्सी पर बैठकर शहर को नोचा है, उन्हें उनकी सही जगह दिखाने का समय आ गया है। यह रैप भ्रष्टाचार के उस चेहरे पर एक करारा तमाचा है। इस अहंकार को तोड़ने के लिए अब सिर्फ बातों से काम नहीं चलेगा, इन 'जागीरदारों' को अर्श से फर्श पर लाना ही होगा। भूलिए मत, आपकी सुरक्षा की कीमत पर उनकी अय्याशियां चल रही हैं!" BMC is not a family business #notafamilybusiness
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