लाडले के पैर अभी भी पालने में... पेंग्विन के पैर AC में; और मुंबईकर गड्ढे में!
Videos" मराठी में कहावत है 'बाळाचे पाय पाळण्यात दिसतात' (पूत के पांव पालने में ही दिख जाते हैं), यानि भविष्य में वह क्या करेगा, ये बचपन में ही समझ आ जाता है। इस वीडियो में भी 'साहब' के तेवर देखकर साफ है कि उनका ध्यान मंत्रालय में नहीं, बल्कि 'जू' (Zoo) में ज़्यादा रहा । जब कोई नेता राज्य के गंभीर मुद्दों पर बात करने के बजाय किसी ज़िद पर अड़ जाए, तो समझो कि राजनीति अब 'चिल्ड्रन्स पार्क' बन गई है। जैसे बच्चा खिलौना पाकर खुश होता है, वैसे ही साहब पेंग्विन की मांग करते हुए खुश दिख रहे हैं। बेचारे पेंग्विन ने भी नहीं सोचा होगा कि अंटार्कटिका छोड़कर उसे मुंबई की राजनीति में 'स्टार प्रचारक' बनना पड़ेगा! महाराष्ट्र 'पुरोगामी' (प्रगतिशील) तो था ही, अब साहब की कृपा से 'बर्फगामी' भी हो जाएगा। जनता कितनी भी चिल्लाए, अच्छे रास्ते नहीं मिलेंगे, लेकिन साहब ने उंगली उठाई तो पेंग्विन के लिए स्पेशल चार्टर्ड प्लेन का इंतजाम जरूर किया जाएगा!" BMC is not a family business #notafamilybusiness
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