मिठी की गाद में फँसे अभिनेता डिनो मोरिया का मातोश्री कनेक्शन क्या है?
Articlesमीठी की गाद में फँसे अभिनेता डिनो मोरिया का क्या है मातोश्री कनेक्शन? मीठी नदी से गाद निकासी के नाम पर करीब ₹65.54 करोड़ के कथित घोटाले का खुलासा हुआ। केतन कदम, जय जोशी और ठेकेदार शेरसिंह राठौर के नाम मुख्य आरोपियों के रूप में सामने आए हैं। खास बात यह है कि संदिग्धों में आदित्य ठाकरे के मित्र और ‘मातोश्री’ के करीबी अभिनेता डिनो मोरिया का नाम आने से इस मामले ने सिर्फ आर्थिक नहीं, बल्कि राजनीतिक रंग भी ले लिया। बड़ा सवाल ये है कि बाढ़-नियंत्रण का पैसा जमीन पर काम करने के बजाय काग़ज़ों में ही बह गया क्या? मुंबई की प्राकृतिक जल-निकासी की रीढ़ मानी जाने वाली मीठी नदी पवई और विहार झील से निकलकर लगभग 18 किलोमीटर का सफर तय करती हुई माहिम खाड़ी में मिलती है। ये नदी बरसात में शहर का पानी समेटकर समंदर में ले जाती है। 2005 की बाढ़ के बाद गाद निकासी को बाढ़-नियंत्रण का अहम उपाय बताया गया—लेकिन उसी के नाम पर बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के आरोप अब जांच में उभरे हैं। 2013 से 2021के बीच बीएमसी ने गाद निकासी के लिए ठेकेदारों को करोड़ों रुपये चुकाए। काग़ज़ों में हजारों मीट्रिक टन गाद निकली, रिपोर्टें बनीं कि नदी साफ़ है—पर हकीकत में हर मानसून मुंबई फिर डूबती रही। इसी विरोधाभास ने जांच की राह खोली। मुंबई पुलिस कीआर्थिक अपराध शाखा (SIT) और ऑडिट रिपोर्टों में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। कई जगह काम किए बिना ही पूरा दिखा दिया गया, फर्जी GPS डेटा, नकली तस्वीरें, डुप्लिकेट एंट्री और झूठी पावतियों के सहारे बिल पास कराए गए। कुछ मामलों में एक ही गाद को दो बार दिखाकर डबल बिलिंग के सबूत भी मिले। जांच में ये भी सामने आया कि बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए गए बिलों की मंज़ूरी के बदले बीएमसी के कुछ सीनियर इंजीनियरों को महंगे फ्लाइट टिकट्स और फाइव-स्टार होटलों की मेहमाननवाज़ी जैसी ‘सुविधाओं’ से नवाजा गया— यानि कैश नहीं, काइंड में रिश्वत दी गई। मुख्य आरोपी केतन कदम पर आरोप है कि उसने फर्जी डेटा के जरिए बिल पास कराने के लिए अधिकारियों से सांठगांठ की। सहायक अभियंता प्रशांत रामुगडे पर जान-बूझकर फर्जी दस्तावेज़ों के आधार पर भुगतान मंज़ूर करने का आरोप लगा। इससे सवाल उठता है—क्या ये घोटाला सिर्फ ठेकेदारों का था, या उसे ‘ऊपर’ से संरक्षण मिला? अभिनेता डिनो मोरिया का नाम आने के बाद जांच ने नई दिशा ली। पुलिस का कहना है कि केतन कदम और डिनो मोरिया और उसके भाई के बीच कई फोन कॉल्स के सबूत मिले हैं। जांच में ये भी सामने आया कि डिनो के भाई सैटिनो मोरिया और केतन कदम की पत्नी पुनीता एक ही कंपनी में डायरेक्टर हैं। इसी कंपनी के जरिए लेन-देन और असर डालने डालने के आरोप की जांच चल रही है। फिलहाल, डिनो मोरिया की सीधी भूमिका सिद्ध नहीं हुई है, लेकिन वो संदेह के घेरे में हैं। मार्च 2024 में SIT ने 13 लोगों और संस्थाओं के खिलाफ धोखाधड़ी, वादाखिलाफी, जालसाजी और साजिश जैसे गंभीर आरोपों में केस दर्ज किया है। जांच जारी है; अभी किसी को दोषी ठहराया नहीं गया। इस घोटाले की सबसे बड़ी कीमत मुंबईकर चुका रहे हैं—हर साल वही जलभराव, वही बेबसी। काग़ज़ों में खर्च और सफ़ाई; ज़मीन पर पानी। ये कुदरत की मार नहीं, बल्कि बाढ़-प्रबंधन के नाम पर कथित धोखाधड़ीका नतीजा है। ये मामला सिर्फ₹65 करोड़ का नहीं—ये बीएमसी पर सालों तक काबिज लोगों की की कार्यप्रणाली, पारदर्शिता और जवाबदेही पर बड़ा सवाल है। बड़ा सवाल ये भी है कि क्या जनता की जान से खेलने वाले इस खेल को राजनीतिक छाया मिली? जवाब जांच देगी। मगर मुंबईकर अब खामोश नहीं—क्योंकि एक सच साफ़ है: बीएमसी किसी परिवार की जागीर नहीं। BMC is not a family business #notafamilybusiness
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